बटुकभैरवखड्गमालास्तोत्रम्
भैरवस्ताेत्रम्
ॐ ह्रीं नमः श्री बटुक हृदयदेव शिरोदेव शिखादेव कवचदेव नेत्रदेवास्त्रदेव ईशान तत्पुरुष अघोर वामदेव सद्योजात पञ्चवक्त्र असिताङ्गभैरव रुरुभैरव चण्डभैरव क्रोधभैरव उन्मत्तभैरव कपालभैरव भीषणभैरव संहारभैरव भूतनाथ आदिनाथ आनन्दनाथ सिद्ध शाबरनाथ सहजानन्दनाथ निःसीमानन्दनाथ परात्परगुरु परमेष्ठिगुरु गुरु डाकिनीपुत्र राकिनीपुत्र लाकिनीपुत्र काकिनीपुत्र शाकिनीपुत्र हाकिनीपुत्र मालिनीपुत्र देवीपुत्र उमापुत्र रुद्रपुत्र मातृपुत्र ऊर्ध्वमुखीपुत्र अधोमुखीपुत्र ब्राह्मीपुत्रबटुक माहेश्वरीपुत्रबटुक वैष्णवीपुत्रबटुक कौमारीपुत्रबटुक इन्द्राणीपुत्रबटुक महालक्ष्मीपुत्रबटुक महालक्ष्मीपुत्रबटुक वाराहीपुत्रबटुक चामुण्डापुत्रबटुक हेतुक त्रिपुरान्तक वेताल अग्निजिह्व कालान्तक कराल एकपाद भीमरूप अचल हाटकेश श्रीकण्ठेश अनन्तेश सूक्ष्मेश त्रिमूर्त्तिश अमरेश अर्धीश भारभूतीश अतिशीश स्थाण्वीश हरेश झिण्टीश भौकितकेश सद्योजातेश अनुग्रहेश अक्रूरेश महासेनेश क्रोधीश चण्डेश पञ्चान्तकेश शिवोत्तमेश एकरुद्रेश कूर्मेश एकनेत्रेश चतुराननेश अजेश शर्वेश सोमेश लाङ्गलीश दारुकेश अर्धनारीश्वर उमाकान्तेश आषाढीश दण्डीश अन्रीश मीनेश लोहितेश शिखीश छागलेश द्विरण्डेश महाकालेश वा(बा)ली(ले)श भुजङ्गेश पिनाकीश खड्गीश बकेश श्वेतेश भृग्वीश लकुलीश शिवेश संवर्तकेश योगिनीसहितद्युस्थयोगीश्वर योगिनीसहितान्तरिक्षयोगीश्वर योगिनीसहितभूमिस्थयोगीश्वर सुशक्तिकयोगिनीसहितसर्वयोगिन् नमस्ते नमस्ते नमस्ते स्वाहा ।
॥ इति बटुकभैरवखड्गमालास्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥